लखनऊ, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहां कांग्रेस और विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जनादेश के अपराधिक अपमान की अराजकता में जुटे सामन्ती सुल्तानों का सियासी सूपड़ा साफ होगा।
आज लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में श्री नकवी ने कहा कि कथित वोट चोरी के नाम पर सीना ज़ोरी में लगी "लश्करे लफ्फ़ाजी की लम्पट लॉबी" झूठ के झुनझुने, झांसे के झाड़ से सच के पहाड़ पर हमला कर खुद अपनी पराजय की पटकथा लिख रही है।
श्री नकवी ने कहा कि कांग्रेस निर्मित-निर्देशित 'वोट चोरी' का हॉरर हाइड्रोजन हुड़दंग टायं-टायं फिस्स हो रहा है। हाइड्रोजन बम के फुके खोखे से अपनी ही सियासत का सूपड़ा साफ करने की सनक-साज़िश में जुटा आत्मघाती दस्ता प्रजातंत्र को परिवार तंत्र का बंधक बनाने की साज़िशी सनक में जुटा है।
श्री नकवी ने कहा कि डिफीटेड डायनेस्टी के डिफॉल्टर डींग बाज़ डपोरशंखों का 'जनाधार सिमटता जा रहा है पर अंहकार सिर चढ़कर बोल रहा है, जनाधार वेंटीलेटर पर लेकिन अंहकार एक्सीलेटर पर है।
श्री नकवी ने कहा कि मोदी सरकार निरन्तरता के साथ तीसरे कार्यकाल में ईमान, इक़बाल, इन्साफ़ के संकल्प के साथ सुशासन के सफल सफ़र को आगे बढ़ा रही है। आज़ादी के बाद पहली गैर-कांग्रेस सरकार है जो बिना कुनबे के सपोर्ट और कांग्रेस के रिमोट के स्थायित्व के साथ सुशासन, सफलता के कीर्तिमान स्थापित कर रही है। कुंठित कटुता के कबाड़खाने में कैद कुनबे के झुंड की कुंठा, कटुता, कष्ट का कारण यही है।
श्री नकवी ने कहा कि जिस कांग्रेस का इतिहास रहा है कि उनके 'परिवार को पावर नहीं तो दूसरों के लिए परेशानी का टावर खड़ा करो, अस्थिरता, अविश्वास का माहौल बनाओ। इस बार सामन्ती सियासत के सत्तालोलुप सुल्तान अपनी ही चतुराई के चक्रव्यूह में फंसते जा रहें हैं। उनके साथ कन्धे से कंधा मिला कर चल रहे राजनैतिक दलों को भी समझना चाहिए कि कांग्रेस की जमीन बंजर है पर उसके हाथ में बेवफाई का खंजर है, सावधानी हटी दुर्घटना घटी।
श्री नकवी ने कांग्रेस, सपा पर कटाक्ष करते कहा कि धृष्टतापूर्ण धमाल के धाराप्रवाह कमाल में जुटे खुराफ़ाती सोंच के खुड़पैची सूरमाओं का सत्तालोलुप सुरूर और गुरूर को जनता चुनावी चौपाल पर लगातार, बारम्बार गच्चा दे रही है। इस बार भी उत्तर प्रदेश में सत्ताईस के चुनावी चौपाल पर भी चारो ख़ाने चित होगा।
श्री नकवी ने कहा कि 'कुनबे के कुंड में कैद कुंठित झुंड' वाले परिवार तंत्र के पराजित पराक्रमियों का 'जनतंत्र को परिवार तंत्र की प्ले पाठशाला समझने की नादानी ही उनकी परेशानी और नाकामी का नतीजा है।
श्री नकवी ने कहा कि बेबुनियाद बवंडर, बिना बात बतंगड में जुटा बकवास बहादुरों का बहुदलीय ब्रदरहुड तर्कों की कंगाली में कुतर्को के मवाली जैसा व्यवहार कर रहा है।
श्री नकवी ने कहा कि छद्म धर्मनिरपेक्षता के चोले में साम्प्रदायिकता के खेला वाले खानदानी खिलाड़ियों की खटिया खड़ी हो चुकी है, जल्द ही बिस्तर भी गोल होगा। भाजपा को खलनायक बनाने के हवा-हवाई हुड़दंग, हाहाकार, हंगामे से लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसे की ताक़त को भय-भ्रम की आफ़त से अपहरण की अपराधिक करतूत की धूर्ततापूर्ण धुन धूलधूसरित होगी।
श्री नकवी ने कहा कि बकवास बहादुरों की ब्रिगेड, कभी वोट चोरी का भ्रम, तो कभी संविधान पर संकट का भौकाल दिखाकर संवैधानिक संस्थाओं की सामन्ती लिन्चिंग" में जुटा सत्तालोलुप की सियासत सिमटती और सिकुड़ती जा रही है, फिर भी बिना जनाधार के जागीरदारी के जंग में जुटे हैं।
श्री नकवी ने कहा कि वैध वोटर की सुरक्षा-सम्मान, अवैध वोटों की समीक्षा लोकतंत्र को प्रभावी और पारदर्शी करने के लिए ज़रूरी है, कुछ लोग वैध मतदाओं की सुरक्षा के बजाय अवैध वोटों की सुरक्षा में डटे हैं, फर्जी वोटों के वेरीफिकेशन पर सामन्ती फ्रस्ट्रेशन वाला बवाल करने वाले खुद सवाल के घेरे में हैं। जिन दलों, परिवारों ने दशकों इन्हीं समय-समय पर सुधार वाली चुनावी व्यवस्था की ताक़त से एकछत्र राज किया हो, आज सत्ता से बेदखल होते ही सम्पूर्ण चुनावी व्यवस्था में खोट बता रहें हैं। श्री नकवी ने कहा कि इसी जनादेश पर वार और प्रहार की हुड़दंगी हवा बाज़ी ने इनकी हार की हैट्रिक बनाई अब हार के हिस्ट्रीशीटर बनना चाहते हैं।