रामपुर (यूपी), 16 फरवरी, 2023: वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि दुनिया में भारत की बढ़ती धमक और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की धाक से "बौखलाए, बीमार संस्थानों- लोगों" की "मोदी बैशिंग की सनक", "भारत बैशिंग की साजिश" का रूप लेती जा रही है।
जिला पंचायत रामपुर द्वारा मिलक में आयोजित रठौंडा किसान मेला-2023 का आज उद्घाटन करते हुए श्री नकवी ने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में देश में सकारात्मक, सौहार्द पूर्ण, समावेशी सशक्तिकरण के माहौल से परेशान राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय "साजिशी सिन्डीकेट" एक बार फिर से मार्किट में "साज़िशों की फटी संदूक" और "बदनामी की फुकी बन्दूक" लेकर घूम रहे हैं।
श्री नकवी ने कहा कि आज़ादी के बाद कांग्रेस शासित राज्यों में महीनों चले हजारों साम्प्रदायिक दंगों और उनमें लाखों लोगों की "बर्बादी की बर्बर हकीकत" किसी देशी-विदेशी मीडिया ट्रायल का एजेंडा क्यों नही बना? इन साम्प्रदायिक दंगों, नरसंहार के "कम्युनल कलंक" के बावजूद कांग्रेस "सेकुलरिज्म की सूरमा" बन कर और दूसरों पर "कम्युनल कलर" फेंक अपने "पाप पर पैबंद का पाखंड " करती रही।
श्री नकवी ने कहा कि मज़े की बात है कि इस "कम्युनल क्रिमिनल करतूत" की गुनाहगार कांग्रेस "छद्म धर्मनिरपेक्षता के संदूक" से दूसरों पर "साम्प्रदायिकता की बंदूक" चलाती रही, लेकिन श्री नरेंद्र मोदी के “परिश्रम के परिणाम, तपस्या की ताकत” ने "साजिशी संदूक, बदनामी बंदूक" की हवा निकाल दी और "साम्प्रदायिक वोटों की ठेकेदारी" को "समावेशी विकास की हिस्सेदारी" से ध्वस्त कर दिया।
श्री नकवी ने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में भिवंडी (कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री वसंतदादा पाटिल के शासनकाल में), भागलपुर (कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री एस एन सिन्हा के शासनकाल में), जलगांव (कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री वसंतराव नाइक के शासनकाल में), मुरादाबाद, मलियाना (कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री वी पी सिंह एवं वीर बहादुर सिंह के शासनकाल में), दिल्ली में सिख नरसंहार (पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के शासनकाल में), मुंबई (कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुधाकरराव नाइक के शासनकाल में) जैसे महीनों चले हजारों दंगों में लाखों लोगों के कत्लेआम और बर्बादी की बर्बर कहानी या तो दबा दी गई या दफन हो गई।
श्री नकवी ने कहा कि इन सभी दंगों के बाद ना तो किसी मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई की आवाज उठी ना ही उनकी सरकार-पार्टी को इन दंगों का दोषी या जिम्मेदार बताया गया। श्री नकवी ने कहा कि लगभग बीस साल पहले गुजरात के एक ऐसे घटनाक्रम को सोची-समझी आपराधिक साजिश की मानसिकता से बढा-चढा कर पेश किया जाता है जिसे सिर्फ तीन से चार दिनों में कन्ट्रोल ही नहीं किया गया, बल्कि बिना भेदभाव के दोषियों पर कार्रवाई हुई, पीड़ितों की मदद की गई, और सुनिश्चित किया गया कि ऐसी घटना फिर ना हो। जिस गुजरात में श्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने से पहले हर छह-सात महीने में साम्प्रदायिक दंगा आम बात थी वहां 2002 के बाद से इस तरह का कोई घटनाक्रम ना होना श्री नरेंद्र मोदी के इकबाल, ईमान, इंसाफ से भरपूर सशक्त, संवेदनशील नेतृत्व का नतीजा है।
श्री नकवी ने कहा कि श्री मोदी देश के ऐसे पहले मुख्यमंत्री रहे हैं जिनका "घण्टों में कन्ट्रोल हुई घटना" का दशकों से मीडिया और राजनीतिक ट्रायल किया जा रहा है। श्री मोदी के खिलाफ एक भी आरोप न्यायालयों में नहीं टिक सका, हर जगह से उन्हें क्लीन चिट मिली। और जनता ने बार-बार जनादेश देकर उनके नेतृत्व की विश्वसनीयता पर मुहर लगाई, फिर भी राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रस्त कुछ देशी-विदेशी संगठन-संस्थान "झूठ के झाड़ से सच के पहाड़ को ढकने" की साजिश में लगे रहे , यह सबकुछ भारत के जनप्रिय और दुनिया के लोकप्रिय नेता के नेतृत्व में भारत की बढ़ती ताकत और श्री नरेंद्र मोदी की विश्व में लगातार बढती लोकप्रियता को नुकसान पहुंचाने की आपराधिक मानसिकता के तहत चल रहा है। श्री नकवी ने कहा कि लेकिन श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प, संस्कृति और सुशासन की शक्ति ने साबित कर दिया है कि "न सच परेशान हो सकता है न परास्त"।
किसान मेला के उद्घाटन के अवसर पर रामपुर के सांसद श्री घनश्याम सिंह लोधी, यूपी के कृषि राज्यमंत्री श्री बलदेव सिंह औलख, रामपुर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ख्यालीराम लोधी, उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ के सभापति श्री सूर्य प्रकाश पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अभय गुप्ता; रामपुर विधायक श्री आकाश सक्सेना, जिलाधिकारी रामपुर श्री रविंद्र कुमार मांदड़, पुलिस अधीक्षक श्री अशोक कुमार और मुख्य विकास अधिकारी श्री नंद किशोर कलाल एवं अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे।