संसदीय मूल्यों से युवा सशक्तिकरण: बैलेट की ताक़त और संवैधानिक लोकतंत्र का वैश्विक नेतृत्व
आज लोकसभा सचिवालय के #icps द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज में आयोजित संसदीय मूल्यों और मौलिक कर्तव्यों पर युवा ज्ञान सशक्तिकरण कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर आईसीपीएस की डायरेक्टर डॉ. सीमा कौल; गार्गी कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. वंदना लूथरा; कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्ट्री की लीगल कंसल्टेंट सुश्री अंकिता बाली; राज्यसभा सेक्रेटेरिएट के पूर्व जॉइंट सेक्रेटरी श्री प्रदीप चतुर्वेदी की गरिमामई उपस्थिति रही। संवैधानिक अधिकार और कर्तव्य की ताक़त का नतीजा है कि भारत में सत्ता "बुलेट" (गोली) से नहीं "बैलेट" (मतदान) से तय होती है। संविधान और लोकतंत्र की "सामन्ती लिंचिंग" की दुष्टतापूर्ण धृष्टता को धराशाई कर भारत संवैधानिक लोकतंत्र के "ग्राउंड जीरो का ग्लोबल हीरो” बना है।








